साहित्य का मूल उद्देश्य समाज की संवेदना को ज्ञानात्मक संवेदना के माध्यम से साहित्य में स्थापित करना है
Share on Social Media नान्दी सेवा न्यास द्वारा आयोजित 25 जून को “डॉ राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय स्मृति समारोह सह द्विदिवसीय पांचवीं राष्ट्रीय संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डॉ राजेन्द्र प्रसाद पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन हुआ। वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण एवं स्वस्तिवाचन के साथ कार्यक्रम … Read more