
वाराणसी। समस्त निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि, शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण तथा शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे गंभीर विषयों को लेकर हिन्दू युवा वाहिनी महानगर वाराणसी द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
हाल ही में लखनऊ में घटित हृदय विदारक अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस दुर्घटना में शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से घर से दूर रहकर कोचिंग करने वाले अनेक छात्र प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हुए। इस घटना के बाद आनन-फानन में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए), अग्निशमन विभाग एवं शिक्षा विभाग सक्रिय हुए और पिछले दो दिनों में जनपद के 35 से अधिक कोचिंग संस्थानों को मानकों के विपरीत पाए जाने पर सील किया गया।
किन्तु सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि ये संस्थान वर्षों से प्रशासन की नाक के नीचे कैसे संचालित होते रहे? क्या प्रशासन केवल किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा? यदि इन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं थीं, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
वर्तमान में प्रशासनिक कार्रवाई मुख्य रूप से कोचिंग संस्थानों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि वाराणसी में सैकड़ों ऐसे निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं जो विभिन्न मानकों का पालन नहीं करते। इनमें अग्निशमन सुरक्षा, भवन मानक, भूमि उपयोग संबंधी नियमों सहित कई आवश्यक मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हिन्दू युवा वाहिनी का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार शिकायतें और संघर्ष करने के बावजूद ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि वास्तविकता यह है कि अनेक तथाकथित विद्यालय अग्निशमन, भवन निर्माण एवं अन्य आवश्यक मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं।
इन्हीं गंभीर विषयों पर प्रशासन की जवाबदेही तय करने तथा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर करने के उद्देश्य से यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
अभिषेक “गोलू” श्रीवास्तव
महानगर मंत्री
हिन्दू युवा वाहिनी, महानगर वाराणसी