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वाराणसी फर्नीचर एवं फर्निशिंग व्यापार मंडल द्वारा स्थापना दिवस समारोह एवं महात्मा गांधी-लाल बहादुर शास्त्री जयंती का  आयोजन

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वाराणसी फर्नीचर एवं फर्निशिंग व्यापार मंडल ने आज दिनांक 2 अक्टूबर को अपने गौरवशाली स्थापना दिवस को विशेष धूमधाम एवं गरिमा के साथ मनाया। इसी पावन अवसर पर महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी मनाई गई।

स्थापना दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर संगठन के अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता, महामंत्री श्री रमेश यादव, कोषाध्यक्ष श्री दिलीप गुप्ता, संजय अरोड़ा, अश्वनी जायसवाल, सनी, उपेंद्र खरवार, राजकुमार यादव, दिनेश खुराना, अमीन खान, सम्मानित सदस्य श्री विनोद चौरसिया तथा संगठन के संरक्षक श्री राजेश अग्रवाल, श्री नरेंद्र गर्ग, श्री अजय जायसवाल सहित अनेक सम्मानित सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से “रघुपति राघव राजा राम” का भजन गाया।

स्थापना दिवस के अवसर पर सभी सदस्यों ने संगठन की यात्रा, उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता ने कहा कि आज हमारा संगठन अपना स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि कितनी मेहनत और एकजुटता से यह संगठन बना है। महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी एवं ईमानदारी को अपनाते हुए हमें संगठन को और मजबूत बनाना है। स्वदेशी फर्नीचर उद्योग को आगे बढ़ाना तथा व्यापारियों की समस्याओं का सामूहिक समाधान निकालना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।

महामंत्री श्री रमेश यादव ने कहा कि आज के दिन हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि संगठन की एकता को और मजबूत करेंगे। स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा व्यापारिक चुनौतियों का डटकर सामना करने पर जोर दिया।

संरक्षक श्री राजेश अग्रवाल, श्री नरेंद्र गर्ग एवं श्री अजय जायसवाल ने कहा कि वाराणसी के फर्नीचर एवं फर्निशिंग व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संगठन की आर्थिक व सामाजिक मजबूती बहुत जरूरी है। सदस्यों से अपील की कि आपसी सहयोग बढ़ाकर व्यापारियों के हितों की रक्षा करें।

सभी सम्मानित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि स्थापना दिवस के इस अवसर पर स्वदेशी फर्नीचर को बढ़ावा देने तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा आपसी भाईचारे को बढ़ाने का संकल्प लिया।

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