
देशभर से हजारों सामाजिक बंधु वाराणसी पहुंचे, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, व्यवसाय और संगठन सुदृढ़ीकरण पर होगा राष्ट्रीय मंथन
भोपाल/वाराणसी। अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा के 91वें स्थापना दिवस एवं दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर वाराणसी में कलचुरि समाज की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों सामाजिक बंधु, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, समाजसेवी और युवाओं की उपस्थिति में 1 एवं 2 अगस्त 2026 को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन समाज की एकता, संगठन और भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इकाई एवं राष्ट्रीय महिला इकाई के संयुक्त संयोजन में आयोजित इस अधिवेशन में शिक्षा, रोजगार, राजनीति, व्यवसाय, सामाजिक नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और संगठन के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक मंथन हुआ। राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट एम.एल. राय ने बताया कि 1 अगस्त को प्रातः 10 बजे से स्थापना दिवस ‘खुला मंच’ के रूप में मनाया गया जिसमें समाज की प्रतिष्ठित स्मारिका ‘सहस्रदीप’ का विमोचन किया गया। इस मंच पर समाज के विभिन्न विषयों पर खुली चर्चा हुई तथा वरिष्ठजनों एवं युवाओं को अपने विचार रखने का अवसर मिला।
2 अगस्त को राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें संगठन के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा सुधार, युवाओं के नेतृत्व विकास, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता, व्यवसायिक उन्नयन तथा समाज के भावी विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक सहभोज का आयोजन रहेगा तथा अतिथियों के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम संयोजक एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अशोक राय ने बताया कि सामान्यतः महासभा का स्थापना दिवस 3 अगस्त को मनाया जाता है, किंतु इस वर्ष विशेष परिस्थितियों के कारण इसे 1 एवं 2 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है। देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था होटल योग रेजीडेंसी एवं होटल केवल पैलेस में की गई है।
सामाजिक चेतना और संगठन का राष्ट्रीय मंच
अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा देश में कलचुरि समाज की सबसे प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक राष्ट्रीय संस्थाओं में से एक है। समाज सुधार, शिक्षा, संगठन और सांस्कृतिक जागरण के क्षेत्र में महासभा ने निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में “एक पहचान” अभियान तथा महेश्वर में प्रस्तावित भगवान श्री राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन धाम के निर्माण जैसे ऐतिहासिक विषयों पर महासभा सक्रिय नेतृत्व कर रही है। इन दोनों अभियानों में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे का विशेष योगदान रहा है।
राष्ट्रीय स्तर की पहली पंजीकृत संस्था
इस वर्ष महासभा अपना 91वां स्थापना दिवस मना रही है, जबकि इसका इतिहास एक शताब्दी से भी अधिक पुराना है। राष्ट्रीय स्तर पर कलचुरि समाज की पहली पंजीकृत संस्था होने का गौरव भी इसी महासभा को प्राप्त है। आज यह संगठन देशभर में सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कृति और समाजोत्थान के लिए सतत कार्य कर रहा है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय नारायण चौकसे, मंत्री रविन्द्र जायसवाल, राष्ट्रीय महासचिव एड. एम.एल. राय, जी.सी. जायसवाल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एल.एन. मालवीय, भोपाल की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती मालती राय राष्ट्रीय सचिव कार्यालय एवं मीडिया प्रभारी हरीराम राय, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौकसे, वीरेंद्र पप्पू राय, राष्ट्रीय महिला इकाई अध्यक्ष श्रीमती पूनम गुप्ता चौधरी, प्रकाश राय, अश्वनी राय, राजेश राय सहित देशभर के सभी स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या मे कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं ।
