देवी आराधना, रामलीला और डांडिया-गरबा से बच्चों ने बांधा समां,सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए साहस, सद्गुणों और मर्यादा के आदर्शों को अपनाने का संदेश


वाराणसी। सुसुवाही स्थित नवनीता कुँवर पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और नैतिक आदर्शों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मां दुर्गा के साहस और भगवान राम की मर्यादा से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेश राय, उपाध्यक्ष प्रवीण राय, प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय तथा वरिष्ठ-कनिष्ठ समन्वयकों ने त्रिदेवियों के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण कर किया। विद्यार्थियों ने गणेश वंदना और दुर्गास्तुति से वातावरण भक्तिमय बना दिया। मां नवदुर्गा के स्वरूप में सजी छोटी बच्चियों ने आकर्षण बिखेरा, वहीं भगवान राम के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति से उनके आदर्शों और मर्यादा का संदेश दिया गया।


छात्र-छात्राओं ने भक्ति गीतों, नृत्य, दुर्गा श्लोकों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं की सुंदर झलक पेश की। समूह में डांडिया और गरबा नृत्य ने समारोह में उत्साह भर दिया। रामचरितमानस की चौपाइयों के पाठ ने भी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया। आरव, धनश्री, दिग्षा, अयान और अनमोल सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा साहस, वीरता और कर्म की प्रेरणा देती हैं, जबकि भगवान राम सद्गुणों और मर्यादा का आदर्श प्रस्तुत करते हैं। समाज की मजबूती के लिए व्यक्तित्व में सद्गुणों और मर्यादा का विकास आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन कनिष्ठ समन्वयक असीम घोषाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन की सफलता में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।