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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे-2026’ पर वृहद राष्ट्रीय छायाचित्र प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ

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वाराणसी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के दृश्य कला संकाय स्थित अहीवासी कला वीथिका में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे-2026’ के उपलक्ष्य में व्यवहारिक कला विभाग (Applied Arts Department) की ओर से आयोजित “थ्रू द लेंस” (Through the Lens) शीर्षक के अंतर्गत एक भव्य और वृहद राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी एवं रचनात्मक समागम का आज, मंगलवार को अत्यंत उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ।

यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी कला प्रेमियों और फोटोग्राफी के जानकारों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जहाँ लेंस के माध्यम से उकेरी गई जीवन की विविध छवियां और संस्कृति के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं।

मुख्य अतिथि और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन आज दोपहर मुख्य अतिथि, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव और बनारस के प्रख्यात (Eminent) फोटोग्राफर श्री अमिताभ अग्रवाल के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रोफेसर उत्मा दीक्षित ने की।


इस अवसर पर संकाय के वरिष्ठ विभागों के अध्यक्षों और संकाय सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से:

पेंटिंग एवं टेक्सटाइल डिजाइन विभाग की अध्यक्षा प्रोफेसर जसविंदर कौर

मूर्तिकला विभाग एवं पॉटरी-सिरामिक सेक्शन के अध्यक्ष प्रोफेसर ब्रह्मस्वरूप

व्यवहारिक कला विभाग के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के प्रस्तोता प्रोफेसर मनीष अरोड़ा

प्रदर्शनी के कोऑर्डिनेटर एवं सहायक प्राध्यापक श्री कृष्णा सिंह

अहीवासी कला वीथिका के कन्वेनर डॉ. ललित मोहन सोनी

स्टूडेंट एडवाइजर डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड़. डॉ. महेश सिंह, डॉ. मिथुन दत्ता, साहिब राम टुडू, मिस सृष्टि प्रजापति, श्री सुरेश के नायर सहित तमाम वरिष्ठ अध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं तथा शहर के प्रतिष्ठित अतिथि श्री मनीष खत्री उपस्थित रहे।

अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और प्रदर्शनी का अवलोकन कर फोटोग्राफी के इन उत्कृष्ट नमूनों की सराहना की।

250 से अधिक प्रविष्टियों में से चुनी गईं बेहतरीन कृतियां
कार्यक्रम के आरंभ में व्यवहारिक कला विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मनीष अरोड़ा ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात, प्रदर्शनी के कोऑर्डिनेटर श्री कृष्णा सिंह ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए देश भर से ढ़ाई सौ (250) से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।

इनमें से कठोर जूरी प्रक्रिया के माध्यम से 139 उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन किया गया, जिनमें से विजिटर्स और बड़े डिस्प्ले के लिए 64 फोटोग्राफ्स के विशेष बड़े प्रिंट्स तैयार कराकर प्रदर्शित किए गए हैं। यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी आज से शुरू होकर 21 अगस्त 2026 तक, प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक कला प्रेमियों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन
संकाय प्रमुख प्रोफेसर उत्मा दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि व्यवहारिक कला विभाग द्वारा किया गया यह प्रयास अत्यंत सराहनीय और उत्तम है। इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों के अकादमिक और व्यावहारिक कौशल में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।

मुख्य अतिथि एवं कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी कला की बहुत ही परिपक्व और गहरी परख को दर्शाती है। यहाँ प्रदर्शित कृतियां उत्कृष्ट श्रेणी की हैं, जिनमें संपूर्ण बनारस की लोक-संस्कृति, परंपराओं और भारत के विभिन्न अंचलों के विविध रूपों के दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों और प्रोफेशनल्स दोनों की सहभागिता की खुलकर प्रशंसा की। डॉ. श्रीवास्तव ने व्यक्तिगत रुचि का जिक्र करते हुए यह भी साझा किया कि फोटोग्राफी उनका भी शौक रहा है और इस प्रदर्शनी में उनकी भी दो तस्वीरें प्रदर्शित हुई हैं, जिससे उन्होंने विद्यार्थियों का भरपूर मनोबल बढ़ाया।

विशिष्ट अतिथि श्री अमिताभ अग्रवाल ने फोटोग्राफी के तकनीकी पक्षों, उसकी क्रिटिकल समझ और रचनात्मकता (Creativity) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल एक शगल या शौक मात्र नहीं है, बल्कि यह विज्ञान और कला का एक गंभीर संगम है। इसे किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि विद्यार्थी फोटोग्राफ्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और अपनी कला के प्रति गंभीर रहें, तो वे इस क्षेत्र में मील के पत्थर स्थापित कर सकते हैं।

धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में व्यवहारिक कला विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया कर्मियों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।

उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद यह प्रदर्शनी आम जनता, कलाविदों और विद्यार्थियों के अवलोकन के लिए खोल दी गई, जहाँ पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर युवा कलाकारों और फोटोग्राफर्स की इस रचनात्मक पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

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