
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी काशी की साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था काशी कला कस्तूरी द्वारा कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया ।
उमड़ते घुमड़ते बादलों के बीच सुहावने मौसम में जब
डा० रागिनी सरना,डालिया मुखर्जी ,डा० सौम्या दे और
लवली घोष ने हमके सावन में झूलनी गढ़ाई द पिया और कारी कारी झुकी आई रे बदरियाना गा कर लोगों को सावन का आनंद दुगना कर दिया। सावन में मेंहदी लगाना भी कितना ज़रूरी है इस बात को बताने वाली कजरी पिया मेंहदी लियाएदा मोती झील से, श्रोता खूब झूमे।

लड़कों मेंअभिषेक मौर्य ,प्रियांशु मौर्य,अमन निवास,प्रियांश गुप्ता ने भी खूब झूम के कजरी गाई और कजरी की झड़ी लगा दी जिससे बादल भी कजरी सुनने के लिए घुमड़ने लगे। कजरी के साथ साथ नीलाम्बर की हरियाली भी लोगों को खूब भा रही थी।
नीलांबर का पूरा माहौल कजरी मय हो गया था।
तबले पर किशोर कुमार मिश्र और हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय ने बहुत अच्छी संगत की। बीच बीच में तबले और हारमोनियम की जुगलबंदी भी खूब आनंद दे रही थी।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो.मंगला कपूर को उनको पद्मश्री मिलने के उपलक्ष्य में उन्हें काशी कला कस्तूरी की तरफ से कस्तूरी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
संस्था के पदाधिकारियों और विशिष्ट अतिथि सनबीम ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन भारती मधोक द्वारा सम्मानित किया गया ।
अतिथियों का स्वागत काशी कला कस्तूरी की संस्थापक अध्यक्ष डॉ.शबनम ने किया ।
कार्यक्रम का संचालन सुकल्पा मुखर्जी और धन्यवाद डॉ.प्रभास झा ने दिया।
कार्यक्रम में शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। जिसमें डॉ.सुनीता चंद्रा,अहसन रऊफ, अशोक गुप्ता, कृष्ण अग्रवाल, डॉ.अनीता सिंह, प्रो.हरिकेश सिंह, कन्हैया मिश्रा, प्रो.सुनील चौधरी डॉ.शुभंकर दे, डॉ. चित्रा उपाध्याय आदि मौजूद थे।


