
वाराणसी, 12 अगस्त। आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर, वाराणसी में चल रहे छः दिवसीय टीचर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम के चौथे दिन शिक्षक–शिक्षिकाओं को शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उपकरणों के महत्व एवं उनके प्रभावी अनुप्रयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने की। मुख्य वक्ता के रूप में वसंता कॉलेज फॉर वूमेन, राजघाट, वाराणसी के शिक्षा संकाय की प्रो. आशा पाण्डेय उपस्थित रहीं।
प्रो. आशा पाण्डेय ने “शिक्षण–अधिगम में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उपकरण एवं उनके अनुप्रयोग” विषय पर शिक्षक–शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए शिक्षण प्रक्रिया में तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ICT उपकरणों के उचित प्रयोग से शिक्षण को अधिक सरल, रोचक, प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न डिजिटल उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों के व्यावहारिक प्रयोग तथा कक्षा-कक्ष में उनके समुचित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान बदलते शैक्षणिक परिवेश में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का ज्ञान शिक्षकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामदायी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के शुरुआत में निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य वक्ता प्रो. आशा पाण्डेय का अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत श्रीमती अल्पा तिवारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोफिया खानम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक–शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने मुख्य वक्ता द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं सुझावों को वर्तमान शिक्षण व्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।