
वाराणसी, 31 अक्टूबर 2026। आर्य महिला पी.जी. कॉलेज के एलुमनाई एसोसिएशन के तत्वावधान में शनिवार को महाविद्यालय के महर्षि ज्ञानानंद सभागार में भव्य पूर्व छात्रा समागम का आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य महाविद्यालय की पूर्व छात्राओं को एक साझा मंच प्रदान करना, उनके अनुभवों एवं उपलब्धियों को साझा करना तथा संस्थान के साथ उनके आत्मीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पत्रकार सुश्री ऋचा पराशर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. रेनू कोछड़ शर्मा, सहायक आचार्या, संस्कृत, पाली, प्राकृत एवं प्राच्य भाषा विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय रहीं। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं वाग्देवी के माल्यार्पण के साथ हुआ। महाविद्यालय की पूर्व छात्राओं द्वारा मंगलाचरण एवं कुलगीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना दूबे ने स्वागत भाषण में अतिथियों एवं पूर्व छात्राओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि पूर्व छात्राएँ किसी भी शिक्षण संस्थान की अमूल्य धरोहर होती हैं। उनकी उपलब्धियाँ संस्थान की प्रतिष्ठा एवं गौरव को बढ़ाती हैं। एलुमनाई एसोसिएशन पूर्व छात्राओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने तथा महाविद्यालय के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है।
इसके पश्चात डॉ. नमिता सिन्हा ने एलुमनाई एसोसिएशन की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें वर्षभर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विवरण दिया गया। मुख्य अतिथि सुश्री ऋचा पराशर ने अपने वक्तव्य में शिक्षा, पत्रकारिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. रेनू कोछड़ शर्मा ने शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा जीवनपर्यंत सीखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डॉ. जया रॉय के निर्देशन में महाविद्यालय की पूर्व छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को उल्लासपूर्ण एवं यादगार बना दिया।
समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण आठ शिक्षिकाओं एवं तीन शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित सौप्रस्थानिक सम्मान समारोह रहा। इस अवसर पर उनके दीर्घकालीन योगदान, समर्पण एवं महाविद्यालय के प्रति सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की सेवानिवृत्त शिक्षिकाओं प्रो. बृजबाला सिंह, प्रो. चन्द्रकान्ता राय, प्रो. गीता सिंह एवं डॉ. आरती श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
सामुदायिक विकास एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महाविद्यालय के सभी सोलह विभागों को प्रिंटर प्रदान किए गए। इसके साथ ही महाविद्यालय के विभिन्न विभागों की 27 मेधावी छात्राओं को ₹2,100 की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह पहल छात्राओं की शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय रही।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शशिकांत दीक्षित ने आशीर्वचन प्रदान करते हुए महाविद्यालय की निरंतर प्रगति एवं पूर्व छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. बिंदू लाहिड़ी ने किया तथा कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन प्रो. जया मिश्रा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिकाएँ प्रो. मनु शर्मा, प्रो. शारदा वेलंकर एवं प्रो. भावना त्रिवेदी उपस्थित रहीं। महाविद्यालय में कार्यरत पूर्व छात्रा समिति की पदाधिकारी एवं सदस्य डॉ. अन्नपूर्णा दीक्षित, डॉ. ममता गुप्ता, डॉ. नमिता गुप्ता, डॉ. विनीता, डॉ. अंशुल जायसवाल, डॉ. पूनम जायसवाल, डॉ. अनुजा, डॉ. नीलम, डॉ. ऋतु, सुश्री शाम्भवी, सुश्री बबली सिंह, सुश्री मनीषा गुप्ता, सुश्री अनुराधा एवं सुश्री मीनू सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, पूर्व छात्राएँ एवं वर्तमान छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
समारोह ने पूर्व छात्राओं एवं महाविद्यालय के बीच आत्मीय संबंधों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ संस्थान की शैक्षणिक परंपरा, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सामूहिक सहभागिता की भावना को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान की।