
गड़वाघाट, वाराणसी। स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल, गड़वाघाट, रमना, वाराणसी में आज सत्र 2026-27 की अंतर-सदनीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर रमन सदन ने प्रथम, दयानन्द सदन ने द्वितीय तथा टैगोर सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
खेलकूद प्रतियोगिताओं में रमन सदन के अखिलेश यादव एवं आर्यन झा, विवेकानन्द सदन के आर्यन, दयानन्द सदन की आयुषी तथा ग्रीन हाउस के सत्यम कपूर ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल, प्रतिभा एवं प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन तथा सामूहिक गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विजेता सदनों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री चन्द्र शेखर सिंह ने अपने संबोधन में में कहा, कहा, “खेलकूद “खेलकूद वि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। खेल हमें अनुशासन, धैर्य, सहयोग और नेतृत्व की भावना सिखाते हैं। जीत हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, जबकि हार हमें अपनी कमियों को सुधारने का अवसर देती है। प्रत्येक विद्यार्थी को खेल भावना के साथ निरंतर प्रयास करते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करनी चाहिए।”
विद्यालय के प्रबंधक सचिव बाबा प्रकाश ध्यानानन्द जी ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा, “खेल केवल पदक और पुरस्कार जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में संघर्ष करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और श्रेष्ठ नागरिक बनने की पाठशाला हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में भी समान रुचि लेनी चाहिए। अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी और टीम भावना ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। हमें प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए उसे आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने चाहिए।”
कार्यक्रम का कुशल संचालन निधि तिवारी ने किया। खेलकूद प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में खेल प्रशिक्षक दिनेश कुमार के साथ सहयोगी शिक्षक सुनील कुमार तिवारी, अतीन्द्र कुमार सिंह, सुभाष यादव, सुभाष सिंह, वन्दना तिवारी, सिद्धार्थ पराशर, पूजा सिंह एवं नाज़मा अंसारी सहित समस्त शिक्षकगण का सराहनीय योगदान रहा।
समारोह में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में खेल भावना, आपसी सहयोग, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तथा सदन के प्रति गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।