मां गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए सहायक नदियों का अविरल और निर्मल होना जरूरी
गंगा समग्र काशी प्रांत, सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेंटर डिपार्टमेंट ऑफ़ सिविल इंजीनियरिंग आईआईटी बीएचयू द्वारा संयुक्त कार्यक्रम


वाराणसी 28 सितंबर।
विश्व नदी दिवस के अवसर पर आज एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी बीएचयू के देव एवं वर्धन लेक्चर थिएटर काम्प्लेक्स में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी और मुख्य वक्ता के रूप में गंगा समग्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह द्वारा संबोधित किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा सहित उनकी समस्त सहायक नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार संयुक्त रूप से कार्य कर रही है,और अब इसके परिणाम भी आने शुरू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक जिला एक नदी के आधार पर परिणाम परक काम हो रहा है। उन्होंने समाज क्षेत्र के लोगों को आगे आकर इस कार्य में सहयोग प्रदान करने का आवाहन किया।
मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में गंगा सामग्र के राष्ट्रीय
अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जब तक मां गंगा में प्रवाहित होने वाली सहायक नदियां पूरी तरह से निर्मल नहीं होगी और उनकी बाधित अविरलता को पुनः स्थापित नहीं किया जाएगा तब तक मां गंगा की अविरलता और निर्मलता कोरी कल्पना ही साबित होगी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर गंगा समग्र के समर्पित कार्यकर्ताओं द्वारा मां गंगा की निर्मलता के लिए अपने 15 आयामों के माध्यम से किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दिया।
गंगा समग्र के प्रांतीय सहसंयोजक दिवाकर द्विवेदी ने मां गंगा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों को गंगा समग्र के 15 आयामों की विस्तृत रूप से जानकारी दिया।
गंगा के किनारे स्थित गांव में जैविक कृषि के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से किये जा रहे जैविक कृषि के शोध कार्यों की जानकारी गंगा समग्र के सह प्रांत संयोजक प्रो.अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
आईआईटी के डीन प्रोफेसर राजेश कुमार ने मानव मात्र के कल्याण हेतु मां गंगा और उनकी सहायक नदियों का निर्मल और अविरल होना नितांत आवश्यक बताया।
विषय स्थापना कार्यक्रम संयोजक सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रभात कुमार सिंह द्वारा किया गया।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेक्टर के प्रोफेसर विकास कुमार दुबे द्वारा परियोजना गत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा की ओर से मिथिलेश मिश्रा ने प्रदेश के समस्त जिलों में छोटी नदियों पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया।12 जिलों से आए हुए जिला परियोजना अधिकारियों द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने कार्यों को दिखाया गया।
कार्यक्रम में प्रयागराज से पधारे धर्मेंद्र आचार्य ने मां गंगा के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला।
संबोधित करने वाले अन्य लोगों में दिल्ली से पधारे लेखक और पत्रकार कौशल किशोर ,कपीन्द्र नाथ तिवारी,प्रयागराज से आए हुए रामबाबू तिवारी, निखिलेश कुमार सिंह रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां गंगा के तैल चित्र और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ।
अतिथियों का स्वागत प्रोफेसर प्रभात कुमार सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में गंगा समग्र की ओर से चंद्रप्रकाश दुबे रणदीप सिंह देवेंद्र प्रताप सिंह उमेश कुमार सिंह, श्रीमती माला तिवारी श्रवण मिश्रा शमशेर बहादुर सिंह, रमेश सिंह,आशुतोष चौबे, नवीन पांडे, कृपा शंकर राय, विजय शंकर राय, धर्मेंद्र पांडे, अंबरीश उपाध्याय, साहब लाल पांडे, डॉक्टर संजय द्विवेदी, जयशंकर पांडे, संजय सिंह सिसोदिया, रवि उपाध्याय, संदीप त्रिपाठी, बीपी सिंह, धर्म विजय सिंह, विनोद मिश्रा, अनीश सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में आईआईटी बीएचयू के शोध छात्र,शेपा और अशोका इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डा.अभिजीत देबनाथ और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन दूरदर्शन की उद्घोषिका और कलाकार मीनाक्षी दीक्षित द्वारा किया गया।
