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स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल के हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिखे जज्बात

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वाराणसी। राष्ट्र भाषा के उत्थान के लिए स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल ने अपनी अग्रणी भूमिका निभाते हुए बनपुरवा के प्रांगण में राष्ट्रभाषा समारोह का आयोजन किया। हिन्दी मास के पहले पखवारे में ठीक हिन्दी दिवस के एक दिन पूर्व राष्ट्र भाषा समारोह के अन्तर्गत “वाद-विवाद प्रतियोगिता” का उत्कृष्ट नजारा देखने को मिला।

प्रतियोगिता में विद्यालय के कुल पाँच शाखाओं से आये प्रतिभागियों ने ” कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रगति का नया युग या मानव मूल्यों के लिए संकट “? विषय के पक्ष एवं विपक्ष में हुनर, जज्बात एवं दृढ़ इरादों को निर्णायकों के समक्ष लाजवाब ढंग से रखते गये। कभी-कभी प्रतियोगिता में ऐसे दौर भी सामने आए कि दर्शक दीर्घा में बैठे अन्य विद्यार्थी हतप्रभ होते दिखे। सभी प्रतिभागियों को बारी-बारी से अपने पक्ष में तर्क देने का अवसर प्रदान किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य अतिथि विद्यालय के प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द के कर कमलों द्वारा स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज परमहंस के तैल चित्र पर पुष्पाहारार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात् बनपुरवा के प्रधानाचार्य डॉ० ए०के० चौबे ने स्वागत भाषण के साथ प्रतियोगियों व प्रतियोगिता के बारे में अवगत कराया।

निर्णायक मण्डल ने अंतिम दौर में अपना निर्णय सुनाया जिसमें बनपुरवां, शाखा प्रथम, गड़वाघाट शाखा द्वितीय, चुर्क शाखा तृतीय स्थान तथा घोरावल व जगतगंज शाखाद्वय को सांत्वना से संतोष करना पड़ा। प्रतियोगिता में उच्च प्रदर्शन से स्थान बना पाने के लिए विद्यालय प्रबंधक ने प्रतियोगियों को प्रमाण-पत्र व विजयोपहार प्रदान कर सम्मानित करते हुए कहा कि राष्ट्र में एकमात्र हिन्दी भाषा ही ऐसी भाषा है जो सभी को हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तथा अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक को एक सूत्र में पिरो सकती है। हमें दुःख इस बात का होता है कि छद्म आधुनिकता के दौर में विलायती भाषा के जाल में फँसकर अपना अस्तित्व खोते चले जा रहे हैं। हमें हिन्दी भाषा की कद्र करनी चाहिए। यही हमारा नैतिक कर्तव्य है। इस अवसर पर समस्त शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की हर्षिता ने तथा धन्यवाद ज्ञापन छात्रावास अधीक्षक (रि०) लेफ्टिनेंट एमएस यादव ने किया

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