स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन; उर्दू शायरी व पत्रकारिता ने आज़ादी के आंदोलन में फूंकी थी नई जान: डॉ. मोहम्मद आरिफ


वाराणसी (23 अगस्त 2026):
तामीर फाउंडेशन के तत्वावधान में भेलूपुर स्थित ब्राइट एजुकेशनल क्लासेज के सभागार में एक गरिमामयी और भव्य “जश्न-ए-आज़ादी मुशायरा” का आयोजन किया गया। इस मुशायरे का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना और उनके निस्वार्थ बलिदानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध एवं वरिष्ठ उस्ताद शायर इल्म बनारसी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात इतिहासकार व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मोहम्मद आरिफ उपस्थित रहे। मुशायरे का सफल एवं प्रभावी संचालन तामीर फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अज़हर सईद ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए तामीर फाउंडेशन की सक्रिय सदस्या अफशां रूमानी ने सभी आगंतुकों और श्रोताओं का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस मुशायरे की महत्ता पर प्रकाश डाला और साथ ही तामीर फाउंडेशन के उद्देश्यों एवं सामाजिक व कल्याणकारी गतिविधियों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. मोहम्मद आरिफ ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए स्वाधीनता आंदोलन में उर्दू भाषा व साहित्य की ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि:
“उर्दू भाषा ने अपनी इंकलाबी शायरी और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जनचेतना जगाई। ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का जोशीला नारा हो या ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ जैसी अमर रचनाएं, उर्दू साहित्य ने आज़ादी की लड़ाई को अद्वितीय वैचारिक ऊर्जा प्रदान की।”

मुशायरे में आमंत्रित रचनाकारों ने देशभक्तिपूर्ण रचनाओं के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को काव्यात्मक श्रद्धांजलि दी और समकालीन सामाजिक सरोकारों पर बेहतरीन कलाम प्रस्तुत कर श्रोताओं की भरपूर दाद प्राप्त की। आमंत्रित प्रमुख शायरों में:
जिया अहसनी,ज़मज़म रामनगरी,रौशन अहमद रौशन,आकाश मिश्रा,अनिल प्रवक्ता,डॉ. शाद मशरिकी,डॉ. बख्तियार नवाज, आशिक बनारसी,निज़ाम बनारसी,समर गाज़ीपुरी,शारिक फूलपुरी
अबू शहमा,अब्दुर्रहमान नूरी,डॉ. रेशमा खातून,क़सीमउद्दीन क़सीम
अज़फ़र बनारसी,शफ़ाअत अली शामिल रहे।
इस अवसर पर ब्राइट एजुकेशनल क्लासेज के संस्थापक एवं हज़रत मुस्लिम अल-हरीरी के पौत्र इफ्तिखार अहमद ने अपने दादा की चुनिंदा रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन क़सीम उद्दीन क़सीम ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर एडवोकेट अब्दुल्लाह बिन गफ्फार, इश्तियाक अहमद, इत्र जमाल लारी, अतीक अंसारी, डॉ. एहतेशामुल हक, शमीम रियाज, डॉ. शमशेर अली, जावेद अख्तर, ओवैस चंदौलवी, और आगा निहाल सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक व प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।