वाराणसी: इस्कॉन वाराणसी भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य दिवस जन्माष्मी 2026 के भव्य उत्सव की घोषणा करते हुए हर्षित है। यह चार दिवसीय उत्सव 2 से 5 सितंबर तक इस्कॉन वाराणसी. दर्गाकंड में भक्तों एवं व्यापक जनसमुदाय के लिए विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा।
रसिक गोविंद दास, श्रीमान मुरारी गुप्ता दास, श्रीमान धवल कृष्ण दास एवं राम केशव दास द्वारा किया जा रहा है। इस उत्सव का आयोजन श्रीमान अच्युत मोहन दास, अध्यक्ष, के मार्गदर्शन में श्रीमान साक्षी मुरारी दास, श्रीमान
उत्सव का शुभारंभ 2 एवं 3 सितंबर को प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा से होगा, जिसे श्रीमान अच्युत मोहन प्रभु प्रस्तुत करेंगे। इन सत्रों में भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य शिक्षाओं एवं लीलाओं का श्रवण और मनन करने का अवसर मिलेगा। कथा के पश्चात सभी भक्तों के लिए प्रसादम की व्यवस्था होगी।
4 एवं 5 सितंबर को उत्सव भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ेगा। शाम 6:00 बजे से रात 11:00 बजे तक IIT BHU के पूर्व छात्रों द्वारा गठित विशुद्ध बैंड द्वारा कीर्तन एवं भजनों की प्रस्तुति की जाएगी। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति एवं समर्पण व्यक्त करेंगे। प्रतिभागियों को उनके समर्पण एवं प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
उत्सव के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक गहन बनाने के लिए भक्तों द्वारा 24 घंटे निरंतर कीर्तन किया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर हरे कृष्ण महामंत्र की दिव्य ध्वनि से गुंजायमान रहेगा।
भव्य उत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का कलश महा-अभिषेक भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के फूलों सहित 51 प्रकार की वस्तुओं से भगवान का दिव्य अभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात आरती होगी। भक्तों को इस पवित्र अनुष्ठान में सहभागी होने का अवसर प्राप्त होगा।
उत्सव के दौरान शुद्ध देसी घी से तैयार दो किंटल से अधिक हलवे का भक्तों के बीच वितरण किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण को पारंपरिक भारतीय एवं आधुनिक शैली के सुंदर परिधानों से सजाया जाएगा तथा इस्कॉन वाराणसी के गृहस्थ समुदाय के भक्तों द्वारा प्रेमपूर्वक तैयार की गई सुंदर पुष्पमालाओं से उनका श्रृंगार किया जाएगा। यह भक्तिमय सजावट भगवान के दिव्य सौंदर्य को और बढ़ाएगी।
उत्सव का समापन नंदोत्सव के साथ होगा, जिसमें श्रील प्रभुपाद कथा, कीर्तन एवं महा-अभिषेक आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात 108 प्रकार के व्यंजनों से महाभोग अर्पित किया जाएगा तथा सभी भक्तों के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी।
इस्कॉन वाराणसी सभी को इन आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी कार्यक्रमों में सम्मिलित होने तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के इस पावन अवसर पर आयोजित जन्माष्टमी उत्सव के दिव्य वातावरण का अनुभव करने के लिए सादर आमंत्रित करता है। यह उत्सव सभी के लिए खुला है।
