
दिनांक 13/08/2026 को इतिहास विभाग द्वारा स्व. प्रो. परमानंद सिंह जी के 9वीं पुण्यतिथि पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसका शीर्षक प्रो. परमानंद एवं इतिहास दर्शन था ।
इस कार्यक्रम के अध्यक्ष माननीय कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी जी थे । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. प्रवेश भारद्वाज (विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ) और इसके मुख्य वक्ता डॉ. के. सिरी सुमेध थेरो जी (इंडो श्रीलंका इंटरनेशनल बुद्धिस्ट एसो. सारनाथ, वाराणसी)
थे । कार्यक्रम के संयोजक प्रो. आनंद शंकर चौधरी ( विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी) एवं सह – संयोजक एसो. प्रो. रविन्द्र कुमार गौतम थे ।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर , स्व. प्रो.परमानंद जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ . के.सिरी सुमेध थेरो ने बताया कि प्रोफेसर परमानंद ने इतिहास के क्षेत्र में “इतिहास दर्शन “नाम से पुस्तक लिखकर इतिहास के विभिन्न आयाम को छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही इन्होंने इतिहास दर्शन को बौद्ध धर्म तथा अन्य धर्म से जोड़ते हुए प्रोफेसर परमानंद के इतिहास लेखन पर प्रकाश डाला । सुमेध थेरो जी ने इतिहास के विभिन्न विचारधाराओं पर गहराई पूर्ण प्रस्तुति प्रदान की।
इसके बाद इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रवेश भारद्वाज ने बताया कि प्रोफेसर परमानंद ने समाज से कुछ लिया नहीं बल्कि दिया है। इतिहास दर्शन के क्षेत्र में परमानंद जी ने इतिहास चिंतन को समाज से जोड़ा है। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विद्वान जैसे वेद प्रकाश सिंह ,शमशेर बहादुर सिंह ,प्रोफेसर राकेश सिंह ,डॉक्टर मुकेश आदि ने भी प्रोफेसर परमानंद जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारधारा और जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में श्रीलंका से प्रो.पंडित गोपला शीलवंशा पालि एवं बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय कोलम्बो श्रीलंका एवं वेन राबले धर्माचार्य थेरो बंबालापते कोलम्बो श्रीलंका उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम का संचालन डॉ अंजू सिंह के द्वारा किया गया तथा स्वागत भाषण डॉ. रविंद्र कुमार गौतम के द्वारा किया गया । अध्यक्षीय उद्बोधन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आनंद शंकर चौधरी जी के द्वारा दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक पाण्डेय ने किया।
इस अवसर पर विभाग के अध्यापक प्रोफेसर जया कुमारी आर्यन, डॉ. मनोज कुमार सिंह,डॉ गोपाल यादव, डॉ शैलेश, डॉ.विरेंद्र प्रताप , डॉ . सारिका गौतम, डॉ प्रिया श्रीवास्तव, डॉ संदीप कुमार सिंह,डॉ प्रियंका सिंह, शोधार्थी एवं छात्र- छात्राएं मौजूद थे।