
सोनभद्र ! स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल चुर्क शाखा में तीन दिवसीय वार्षिक अन्र्तसदनीय खेल-कूद प्रतियोगिता का समापन सर्वप्रथम विद्यालय के प्रणेता श्री श्री श्री 1008 स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के तैलचित्र पर सचिव व प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द, एवं प्रागंण में उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों द्वारा मार्त्यापण कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। विद्यालयों में अनुशासन, अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ उनके स्वस्थ्य मन एवं तन के विकास के लिए खेलों का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। इसी श्रृंखला में स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल चुर्क की अर्न्तसदनीय खेल में चारों सदन विवेकानन्द, टैगोर, दयानन्द, और रमन के प्रतिभागी टीमों ने अपने-अपने खेल का आकर्षक प्रदर्शन गहमागहमी के बीच किया।
विद्यालय के सचिव व प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द के आर्शीवचन व शुभकामना से खेल महोत्सव का समापन हुआ। मैदान से विदा होने के समय समूह के चारों हाउस के लगभग 330 विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मैत्री भावना के साथ प्रतिस्पर्धा की। इन बच्चों में हर्ष, उमंग और उत्साह का अविरल प्रवाह देखा गया। चेस, कैरम, वॉलीबॉल, ऐथलेटिक्स, रस्साकस्सी, बैडमिंटन, कबड्डी बॉस्केट बाल, खो-खो, दौड (बैलून, सैक, स्पून लेमन), क्रिकेट आदि प्रतियोगिताओं में सभी खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। प्री नर्सरी से यू०के०जी०, कक्षा एक से पांच तथा छः से बारह वर्गों में इस तीन दिवसीय वार्षिक अन्र्त्तसदनीय खेल-कूद प्रतियोगिता में रमन हाउस प्रथम स्थान, दयानंद हाउस द्वितीय स्थान, विवेकानन्द हाउस तृतीय स्थान एवं टैगोर हाउस को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
खेल आपके चरित्र का निर्माण करता है।
“खेल के प्रति निष्ठा, ईमानदी, परिश्रम और आत्मविश्वास ही किसी खिलाड़ी को एक माहन और प्रतिभाशाली खिलाड़ी बनाता है ” सचिव व प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द
पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यालय के सचिव व प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने शिल्ड, ट्राफी, मेडल, प्रमाण पत्र के साथ छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर जीवन के पथ पर कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासित रहकर खेलों को खेल-भावना से खेलते रहने की प्रेरणा दी।
प्रधानाचार्य श्री ए०के०वर्मा ने अपने धन्यवाद-स्वागत भाषण में इस रोमांचकारी खेल के लिए प्रतिभागियों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर उनके हौसलो को उड़ान देते हुए का कि “एक खिलाड़ी की शब्दकोश में आलस्य नामक शब्द नहीं होना चाहिए।”
कार्यक्रम के आयोजन में गोरखनाथ, अर्जुन मौर्या, प्रांजली सिंह, चंचला मिश्रा, आलोक तिवारी, शिव प्रसाद, निर्मला यादव, आंचल पटेल, शुभम प्रजापति, सुप्रिया मौर्या, संतोष विश्वकर्मा, रजनी सिन्हा, शशी राना, सुधा देवी, सुषमा पाण्डेय, पुजा, सीमा, दीपा आदि शिक्षक मौजूद रहे तथा फरहीन सिद्वीकी ने मंच संचालन का कार्य किया।
