

इस संघ की स्थापना काफी समय पहले वर्ष 1993 में हुई थी और तब से यह भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में पुनर्नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों के लिए काम कर रहा है। एक भूतपूर्व सैनिक संघ होने के नाते, सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों कर्मचारियों से संबंधित मामलों को संबंधित अधिकारियों जैसे कि वित्तीय सेवा विभाग (DFS), महानिदेशालय पुनर्वास (DGR), भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW), पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DOPPW) और भारत सरकार की अन्य ऐसी एजेंसियों के साथ-साथ केंद्रीय कार्यालय, एलआईसी ऑफ इंडिया, मुंबई के समक्ष उठाया जा रहा है।
रक्षा कर्मियों के पुनर्वास के लिए, भारत सरकार ने इसके महत्व को समझा और बहुत पहले 1958 में उपयुक्त निर्देश जारी किए थे। हालांकि, भूतपूर्व सैनिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, उक्त नीति का उचित कार्यान्वयन नहीं हो पाया और भूतपूर्व सैनिकों को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
भूतपूर्व सैनिकों के मौजूदा मुद्दे जिन्हें संघ द्वारा प्रबंधन के समक्ष उठाया जा रहा है, वे निम्नलिखित हैं:
(A) प्रावधानित 14.5% आरक्षण के अनुसार भर्ती
(B) भर्ती, पदोन्नति (प्रमोशन) और स्थानांतरण (ट्रांसफर) के लिए आयु सीमा में छूट
(C) भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 1989 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वेतन संरक्षण (पे प्रोटेक्शन)
(D) छूटे हुए सेवानिवृत्त लोगों (LEFT OVER retirees) के लिए एक और पेंशन का अवसर
(E) 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पूर्ण पेंशन
(F) तकनीकी भत्ते (Technical Allowances) का प्रावधान
अन्य भूतपूर्व सैनिकों से संबंधित मुद्दों सहित।
के. आर. मिश्रा
महासचिव
अखिल भारतीय एलआईसी भूतपूर्व सैनिक कर्मचारी कल्याण संघ (AILICEEA)

