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वाराणसी में कला और संस्कृति का महासंगम: रंगमंच व्याख्यान एवं ‘बेला बाड़ी’ कजरी की सावनी फुहार का भव्य आयोजन

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इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स, वाराणसी, संस्कार भारती (विश्वविद्यालय इकाई वाराणसी) एवं संगीत परिषद, काशी के संयुक्त तत्वावधान में आज घमहापुर, गंगापुर स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स के नटराज कला वीथिका में एक भव्य द्वि-सत्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स के निदेशक डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने कलाकारों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सभी कलाकारों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट की। कार्यक्रम का प्रथम सत्र दोपहर 12 बजे “वर्तमान समय में रंगमंच : चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर सुप्रसिद्ध रंगकर्मी श्री आशिष त्रिवेदी के व्याख्यान से प्रारंभ हुआ। उन्होंने आधुनिक युग में भारतीय रंगमंच के सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला और डिजिटल युग में थिएटर को सशक्त बनाने के उपाय बताए। इस सत्र के अध्यक्षा के रूप में सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं लेखिका डॉ. मंजरी पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रंगमंच केवल कला प्रदर्शन नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का संवाहक है।
द्वितीय सत्र अपराह्न 02:00 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम “बेला बाड़ी : कजरी की सावनी फुहार” में मुख्य अतिथि पद्मश्री से सम्मानित सुप्रसिद्ध कजरी गायिका श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव एवं निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, वाराणसी डॉ. अभिजीत दीक्षित रहे। बेला-बाड़ी के प्रारंभ में सभी महिलाओं को बेला फूल की माला दी गई। इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायिका विदुषी सुचरिता गुप्ता के निर्देशन में सप्तक एवं इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। अंत में उर्मिला श्रीवास्तव एवं सुचरिता गुप्ता ने सवाल-जवाब कजरी गा कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सावनी कजरी की फुहारों से पूरा परिसर लोक-संस्कृति के रस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, कलाकारों, वक्ताओं एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कार भारती के संस्कार भारती के डॉ रामवीर शर्मा, प्रमोद पाठक, दीपक शर्मा , अरविंद सिंह, जीउत विश्वकर्मा, कमलेश कुमार सिंह, मुसल्लम शर्मा , अशोक शर्मा, मामाजी, विकास सिंह, धनेश सिंह, सुशांत सिंह, विनीता नागर, उमाशंकर पाठक एवं संस्थान के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय साहित्यकार, रंगकर्मी, एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ग्राम के अनेक लोगों ने इस कार्यक्रम का आनंद लिया।

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