
वाराणसी, 2 अगस्त
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, युवा कार्यक्रम विभाग, क्षेत्रीय निदेशालय राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आर्य महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ‘ए’ एवं ‘डी’ द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत – संकल्प अभियान” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के गीत एवं तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हुआ। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिससे स्वयंसेविकाएँ नशामुक्त भारत के संकल्प के प्रति जागरूक एवं प्रेरित हुईं। तत्पश्चात लगभग 200 स्वयंसेविकाओं ने नशामुक्त भारत की शपथ लेकर समाज को नशे से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित जागरूकता सत्र में नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। स्वयंसेविकाओं ने ध्यान (मेडिटेशन) में भाग लेकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने नशामुक्त भारत एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रभावशाली संदेश दिया।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ‘ए’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्वप्ना बंद्योपाध्याय ने कहा कि यदि युवा शक्ति नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो विकसित भारत का सपना शीघ्र साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति अभियान का शुभारंभ काशी की पावन धरती से होने के कारण यह नगर पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि काशी में नशीले पदार्थों की बिक्री पर और अधिक प्रभावी एवं कठोर नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ, ताकि देवभूमि काशी नशामुक्त भारत का आदर्श मॉडल बनकर पूरे देश के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ‘डी’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ममता गुप्ता ने स्वयंसेविकाओं को नशे के प्रति सजग रहने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नशामुक्त भारत के संकल्प को दोहराने के साथ हुआ। महाविद्यालय परिवार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।