
रामेश्वर मठ, अस्सी, वाराणसी | 2 अगस्त 2026
अनंत श्रीविभूषित काशीधर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्री काशीधर्म पीठ रामेश्वर मठ, अस्सी, वाराणसी में चल रहे चातुर्मास महाव्रत के चतुर्थ दिवस का सत्संग अत्यंत श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
अपने दिव्य प्रवचन में पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि शिष्य का परम धर्म अपने गुरु की आज्ञा का श्रद्धापूर्वक पालन करना है। गुरु के निर्देशों का पालन करने वाला शिष्य ही आध्यात्मिक उन्नति, आत्मकल्याण तथा जीवन की सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, धर्म और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करने वाले दिव्य पथप्रदर्शक हैं। इसलिए शिष्य को सदैव विनम्रता, श्रद्धा और समर्पण के साथ गुरु के आदेशों का पालन करना चाहिए।
सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से धर्मोपदेश का श्रवण किया तथा गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। चातुर्मास महाव्रत के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातःकालीन पादुका पूजन, एवं प्रसाद का आयोजन निरंतर जारी है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
