
देशभर से आए 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग
वाराणसी, 25 जुलाई 2026: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस-बीएचयू) के मनोरोग विभाग द्वारा सेंट्रल साइकियाट्रिक सोसायटी (आईपीएस–सेंट्रल जोनल ब्रांच) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय पोस्ट ग्रेजुएट डेवलपमेंट प्रोग्राम (PGDP-2026) का शुभारम्भ आज के. एन. उडुपा सभागार, आईएमएस-बीएचयू में अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। “ऐन अपडेट ऑन न्यूरोमॉड्यूलेशन” विषय पर आधारित इस आंचलिक शैक्षणिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से आए 150 से अधिक स्नातकोत्तर चिकित्सकों, युवा मनोरोग विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य मनोरोग चिकित्सा में न्यूरोमॉड्यूलेशन की नवीनतम तकनीकों एवं शोध उपलब्धियों से युवा चिकित्सकों को परिचित कराना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलन एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तीव्र गति से हो रहे तकनीकी विकास ने मनोरोग उपचार की दिशा में नई संभावनाओं का द्वार खोला है तथा न्यूरोमॉड्यूलेशन भविष्य की सटीक, सुरक्षित एवं प्रभावी मनोरोग चिकित्सा का आधार बनने की संभावना है । उन्होंने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सदैव ज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार का अग्रदूत रहा है तथा इस प्रकार के राष्ट्रीय / आंचलिक शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन के लिए मनोरोग विभाग की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (rTMS) एवं ट्रांसक्रेनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (tDCS) जैसी आधुनिक तकनीकों ने उपचार की नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आईएमएस-बीएचयू सदैव उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं गुणवत्तापूर्ण रोगी सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा इस प्रकार के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के विशेषज्ञों को नई तकनीकों से दक्ष बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि देशभर से मिली अभूतपूर्व सहभागिता इस कार्यक्रम की राष्ट्रीय महत्ता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागी उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) की भी व्यवस्था की गई है, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक न्यूरोमॉड्यूलेशन तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।
मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं आयोजन सचिव प्रो. अच्युत कुमार पाण्डेय ने विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं राष्ट्रीय स्तर पर उसकी बढ़ती पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग आधुनिक एवं साक्ष्य-आधारित मनोरोग चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को न्यूरोमॉड्यूलेशन के वैज्ञानिक आधार, व्यावहारिक उपयोग एवं नवीनतम अनुसंधानों की जानकारी देश के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, सेंट्रल साइकियाट्रिक सोसायटी, आयोजन समितियों, संकाय सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
आईएमएस-बीएचयू के मनोरोग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. जे. एस. यादव ने भी उद्घाटन समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने न्यूरोमॉड्यूलेशन जैसे समसामयिक विषय पर राष्ट्रीय स्तर के इस शैक्षणिक कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए युवा मनोरोग विशेषज्ञों को अनुसंधान, अकादमिक उत्कृष्टता एवं साक्ष्य-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सेंट्रल साइकियाट्रिक सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. सौरभ टंडन, इंडियन साइकियाट्रिक सोसायटी के प्रेसिडेंट-इलेक्ट प्रो. ओ. पी. सिंह तथा सर सुन्दरलाल चिकित्सालय, आईएमएस-बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा इस आयोजन को मनोरोग शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी एवं समयानुकूल पहल बताया।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर; राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS), बेंगलुरु; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ; वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC), नई दिल्ली तथा अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ संकाय सदस्य व्याख्यान एवं प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में rTMS, tDCS, नॉन-इनवेसिव न्यूरोमॉड्यूलेशन, पैनल चर्चा तथा हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक मनोरोग चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय एवं आईएमएस-बीएचयू के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य, सेंट्रल साइकियाट्रिक सोसायटी के पदाधिकारी, देशभर से आए मनोरोग विशेषज्ञ, स्नातकोत्तर विद्यार्थी, शोधार्थी, आमंत्रित अतिथि तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोमॉड्यूलेशन के क्षेत्र में ज्ञान, अनुसंधान एवं कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

