
आज घोरावल स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल में पंचदिवसीय कैम्प का भव्य समापन समारोह अत्यंत उत्साह एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस समर कैम्प का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था। समारोह के दौरान पाँच दिनों तक रचनात्मक गतिविधियों की प्रतिभा देखने को मिली जिसमें नर्सरी के बच्चों ने भी प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानंद ने पंचदिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले समस्त छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हे निरंतर अपने रचनात्मक एवं बौद्धिक क्षमता से विद्यालय, समाज एवं देश का नाम रोशन करने का आशीर्वाद देते हुए इस तरह के कार्यक्रमों में बच्चों को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। समर कैम्प के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, कला एवं शिल्प, गायन, योगा, एरोबिक्स, मेडिटेशन, सुलेख, टेबल टेनिस, शतरंज, एंकरिंग इत्यादि कार्यक्रम सहित अनेक रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा रंग-बिरंगी कलाकृतियों, मधुर गीतों तथा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से वातावरण को आनंदमय बना दिया।
समापन समारोह के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कैम्प में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में कक्षा पी० जी० से प्रांजल, दक्षित, कार्तिक, एल० के० जी० से अहान अभि, अदिति, कक्षा यू० के० जी० से नम्य, आनंद, कौशकी कक्षा 1 से अनि सिंह, अंकित पाल, कक्षा 2 से अल्का, मानवी, माहिरा, अर्थव, सार्थक, शिवाय, यथार्थ कक्षा 3 से आकांक्षा कुमारी, अदिबा, कक्षा 4 से श्रेयश, आलोक, कक्षा 5 से मान्यता पाण्डे, पावनी, कक्षा 6 से दीपिका तिवारी, कक्षा 7 से श्रेयांश यादव, प्रतिक्षा, आयुष शर्मा कक्षा 8 से आप्ति, सोनल, प्रकाश, आस्था केशरी, सम्राट सिंह, आरब सिंह इत्यादि छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक आकाश सोनी, किरन मौर्या, सर्वेश पाठक, मोतीलाल गुप्ता, रविंद्र यादव, कविता चौरसिया, आकांक्षा श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, शिखा दुबे, शिखा चौबे, ज्योति बतुर्वेदी सोनी सिंह, प्रज्ञा पाण्डेय, अंशु पाण्डेय, राजकुमार यादव इत्यादि मौजूद रहे।
