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योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बिजली विभाग का एक घूसखोर अवर अभियंता 22,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत वाराणसी में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. वाराणसी मंडल की एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार (12 जून 2026) को बिजली विभाग के एक घूसखोर अवर अभियंता (JE) को 22,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिय I अमित 10 जून को पाण्डेयपुर उपकेंद्र के जेई सुखदेव रस्तोगी से मिले, तो जेई ने वैध कनेक्शन देने के एवज में 22,000 रुपये की मोटी घूस मांग ली I जेई ने रिश्वत की रकम लेने के लिए 12 जून को अमित के प्लॉट पर आने की बात कही I

रिश्वत मांगे जाने से परेशान अमित कुमार श्रीवास्तव ने इसकी लिखित शिकायत थाना एंटीकरप्शन वाराणसी मंडल कार्यालय में दर्ज कराई I शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने घूसखोर जेई को रंगे हाथ दबोचने के लिए 12 जून को सुबह इंस्पेक्टर उमाशंकर यादव के नेतृत्व में एंटी करप्शन की स्पेशल टीम टकटकपुर स्थित मंशानगर कॉलोनी में पहले से ही सादे कपड़ों में तैनात हो गई I सुबह करीब 11:44 बजे जैसे ही जेई सुखदेव रस्तोगी अमित के प्लॉट पर पहुंचा और उसने कार्य के बदले 22,000 रुपये की नकदी अपने हाथ में ली, टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया.
गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब मौके पर ही जेई के हाथ धुलवाए गए, तो केमिकल रिएक्शन के कारण हाथ का रंग पूरी तरह से गुलाबी हो गया, जो इस बात का पक्का सबूत था कि जेई ने रिश्वत के नोटों को छुआ थाI 2015 बैच का अवर अभियंता,आरोपी सुखदेव स्वरूप रस्तोगी मूल रूप से कनक सिटी, आलमनगर (थाना तालकटोरा, जनपद लखनऊ) का निवासी है और वर्तमान में वह वाराणसी के गौतम विहार कॉलोनी (सरसौली, थाना शिवपुर) में रह रहा था I

एंटी करप्शन की टीम आरोपी जेई को गिरफ्तार कर सीधे थाना कैंट (कमिश्नरेट वाराणसी) लेकर आई है, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इस बड़ी कार्रवाई से बिजली विभाग के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.

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