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‘फ्यूज़न ऑफ एरा’ के साथ सजा भव्य ग्रैंड फिनाले, नन्हें कलाकारों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग

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सनबीम स्कूल, वरुणा में श्यामक डावर इंस्टीट्यूट की 7-दिवसीय नृत्य कार्यशाला का समापन

भारतीय और वैश्विक संस्कृति के संगम ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध


वाराणसी, 24 अप्रैल

सनबीम स्कूल, वरुणा के प्रांगण में आज सुप्रसिद्ध नृत्य निर्देशक श्यामक डावर के ‘श्यामक डावर इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स’ द्वारा आयोजित सात दिवसीय नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन ‘ग्रैंड फिनाले’ के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष समारोह का मुख्य विषय ‘फ्यूज़न ऑफ एरा’ रहा, जिसमें नन्हें कलाकारों ने विभिन्न समय अंतरालों के संगीत और नृत्य के मेल से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा ‘दीप प्रतिष्ठापन’ के साथ हुआ। सनबीम समूह की निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होती हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनूठा संगम इस ग्रैंड फिनाले में देखने को मिला। समारोह को पाँच मुख्य भागों में विभाजित किया गया था, जिसमें ‘द डॉन ऑफ इरास’ से लेकर ‘द न्यू एज सेलिब्रेशन’ तक का सफर दिखाया गया। ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ लहरतारा स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना से हुआ, उसके पश्चात विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के शुरुआती चरणों में वरुणा, सारनाथ और अन्नपूर्णा के नन्हे बच्चों ने प्ले हाउस मेडले, बप्पी लहरी मेडले और कार्टून पात्रों के माध्यम से मासूमियत और पुराने दौर के संगीत को जीवंत किया। कार्यक्रम की श्रृंखला में के-पॉप, बॉलीवुड फ्यूजन और ‘देसी मीट ग्लोबल’ जैसी प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय और वैश्विक संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।

सुर और ताल के क्रम में, लहरतारा और वरुणा के सीनियर छात्रों ने शाहरुख खान के गीतों, विलेन मेडले और देशभक्ति नृत्य से दर्शकों में जोश भर दिया। कार्यक्रम के अगले पड़ाव में राजसी वैभव को दर्शाती ‘किंग्स मेडले’ और संगीत के सफर को दिखाती ‘म्यूजिकल रोड ट्रिप’ ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आधुनिकता के इस उत्सव में न केवल विद्यार्थियों ने धुरंधर जैसे धमाकेदार गीतों पर प्रदर्शन किया, बल्कि लहरतारा के अभिभावकों ने भी ‘दीवाज़ मेडले’ के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। अंत में, सिनेमा और मैशअप मेडले की प्रस्तुतियों ने फिल्मी दुनिया के सफर को मंच पर उतारकर इस उत्सव को आधुनिकता और परंपरा के एक अद्भुत समन्वय के साथ संपन्न किया। कार्यक्रम के दौरान श्यामक डावर इंस्टीट्यूट के प्रशिक्षकों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए सम्मानित किया गया। सनबीम समूह के मानद निदेशक श्री हर्ष मधोक और सहायक निदेशिका श्रीमती प्रतिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह के अंत में विद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. दीपक मधोक और वाइस-चेयरपर्सन श्रीमती भारती मधोक ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कला और अनुशासन का संगम ही सफल जीवन का आधार है। समारोह का समापन ‘ग्रैंड फिनाले’ के कर्टेन कॉल के साथ हुआ, जिसकी गूँज ने न केवल सभागार को तालियों से भर दिया, बल्कि नन्हें कलाकारों के भीतर छिपी असीम संभावनाओं को एक नया क्षितिज भी प्रदान किया। यह शाम कला, समर्पण और सामूहिक ऊर्जा के एक ऐसे उत्कर्ष के रूप में याद रखी जाएगी, जिसने विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ अनुपमा मिश्रा ने कहा कि प्रतिभा को जब सही मंच और मार्गदर्शन मिलता है, तो वह ‘फ्यूज़न ऑफ एरा’ जैसा जादू रचती है। मैं इस कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए श्यामक डावर इंस्टीट्यूट फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स की टीम, अपने समर्पित शिक्षक वृन्द और अभिभावकों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ, जिनके सहयोग ने इस शाम को अविस्मरणीय बना दिया क्योंकि हमारे बच्चों का यह आत्मविश्वास ही हमारी असली उपलब्धि है।

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