
वाराणसी, 30 जुलाई 2026
पूज्य अनंत श्रीविभूषित काशीधर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्री काशीधर्म पीठ रामेश्वर मठ में गुरुपूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अनेक देशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचकर गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए उपस्थित हुए।
प्रातः 7:00 बजे से गुरुदर्शन एवं गुरु पूजन का शुभारंभ हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दोपहर 1:00 बजे से पावन पादुका पूजन के साथ सत्संग का शुभारंभ हुआ। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में पूज्य गुरुदेव भगवान ने गुरु-शिष्य परंपरा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान का दाता नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, संस्कार, सेवा और आत्मबोध की दिशा प्रदान करने वाला दिव्य मार्गदर्शक होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के उपदेशों को जीवन में अपनाकर सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।
इस भव्य आयोजन के संरक्षक श्री रामनारायण द्विवेदी (राष्ट्रीय महामंत्री, काशी विद्वत परिषद) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अरुण कुमार द्विवेदी ने की तथा कार्यक्रम प्रभारी श्री आनंद द्विवेदी रहे। आयोजन में एडवोकेट विनय तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं संत-महात्मा उपस्थित रहे।
आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव में लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर गुरुदेव के दर्शन, गुरु पूजन, पादुका पूजन, सत्संग एवं भंडारे का पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे मठ परिसर में दिनभर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बना रहा।