
- गंभीर अवस्था में वेन्टीलेटर पर 85 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की आईसीयू में बेडसाइड ईआरसीपी द्वारा एडवांस्ड गेस्ट्रोएन्टेरोलॉजी को मिला नया आयाम
पूर्वांचल के चिकित्सा इतिहास में एक और स्वर्णिम उपलब्धि जोड़ते हुए एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी के गेस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉ एसएस परिहार ने आईसीयू में भर्ती 85 वर्षीय बुजुर्ग जो मिरीजी सिंड्रोम, गंभीर कॉलेनजाईटिस, सेप्टिक शॉक, संक्रमण टीएलसी 70 हजार, क्रियेटनिन 3 गुर्दे एवं श्वसन विफलता से ग्रस्त वेन्टीलेटर सपोर्ट पर गंभीर मरीज का सफल बेड साइड ईआरसीपी द्वारा बिलियरी स्टेन्टिंग की। अनुभवी टेकनोलॉजिस्ट राहुल सिंह के सहयोग से पूर्वाञ्चल की सबसे पहली बेडसाइड अत्याधुनिक एवं जीवनरक्षक ईआरसीपी प्रक्रिया बिना मरीज को आईसीयू से स्थानांतरित किए सफलतापूर्वक संपन्न की गई, जिससे गंभीर अवस्था में भी त्वरित एवं सुरक्षित उपचार संभव हो सका। यह उपलब्धि एपेक्स हॉस्पिटल की उन्नत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, क्रिटिकल केयर एवं मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की विशेषज्ञता, समर्पण और अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है।