
संकटमोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र, 39 जीटीसी वाराणसी के कमांडर ब्रिगेडियर जयदीप चंदा, कैंटोनमेंट बोर्ड सीईओ श्री सत्यम मोहन, शिक्षाविद श्री संदीप सेठी, डॉ दीपक मधोक, श्रीमती भारती मधोक, श्रीमती अमृता बर्मन एवं सनबीम बोर्ड के सदस्यों ने सनबीम के विद्यार्थियों द्वारा लिखित पुस्तकों की श्रंखला में पांचवी पुस्तक का किया विमोचन।
सनबीम शिक्षण समूह सूबे का सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है जो अपने नित नवीन प्रयोगों और अभिनव प्रयासों के लिए देश भर में जाना जाता है । शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ साथ गैर शैक्षणिक, कला एवं कौशल पर ज़ोर देने के लिए मशहूर सनबीम शिक्षण समूह के विद्यार्थियों द्वारा लिखित पांचवी पुस्तक “गंगा – विस्पर्स ऑफ़ द रिवर” का विमोचन 5 मई 2026 को सनबीम लहरतारा के परिसर में आयोजित किया गया। सनबीम शिक्षण समूह के होनहार 23 विद्यार्थी लेखकों ने इस पुस्तक का लेखन एवं संकलन किया है जिसका संपादन एवं प्रकाशन स्कॉलास्टिक्स राइटर्स अकादमी द्वारा किया गया है ।
आरव सिंह, आशी कुशवाहा, आस्था सिंह, एंजेल पॉल, अंशिका सिंह, अनुश्री सिंह, आर्याही श्रीवास्तव, अवंतिका मौर्य, आयुष्मान दीक्षित, बिशाखा यादव, ईशा सिंह, खुशी सिंह, कोपल मिश्रा, माही यादव, निष्ठा मिश्रा, प्रियंका जायसवाल, प्रियांशी वर्मा, रिधिमा खत्री, रुद्र प्रताप सिंह, संस्कृति रॉय, सौम्या सोनकर, उर्वी श्रॉफ, वंशिका केशरी जैसे 23 मेधावी लेखकों के समूह ने इस पुस्तक को मूर्त रूप प्रदान किया है। ये सारे सनबीम शिक्षण समूह विद्यालय एवं विमेंस कॉलेज के छात्र छात्राएं है। इस पुस्तक का कवर डिज़ाइन सनबीम लहरतारा के होनहार छात्र कार्तिकेय कुमार गोंड ने किया है।
यह पुस्तक गंगा के हमारे लोकजीवन में बहुआयामी स्थान, सम्बन्ध एवं आध्यात्मिक चेतना का विस्तार है। प्रत्येक विद्यार्थी ने गंगा को अपने नज़रिये से देखा एवं अनुभूत किया है और उसी अनुभव को शब्दों में पिरोकर किताब का स्वरुप प्रदान किया गया है। गंगा के इतिहास, भूगोल, जैविक प्रवृत्ति, आध्यात्मिक गुण एवं लोकजीवन के अभिन्न अंग के रूप में चिरविद्यमान रहने पर केंद्रित यह पुस्तक गंगा की गौरव गाथा गाने के अतिरिक्त गंगा के प्रति हमारे दायित्व पर भी प्रकाश डालता है।
बतौर मुख्य अतिथि, विख्यात पर्यावरणविद, संस्कृतिविद, संकटमोचन मंदिर के महंत एवं आई0आई0टी० बी0 एच0 यू० के प्रोफेसर पंडित विश्वंभर नाथ मिश्रा, बतौर विशिष्ट अतिथि वाराणसी के 39 जीटीसी वाराणसी के स्टेशन कमांडर, ब्रिगेडियर जयदीप चंदा, कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ श्री सत्यम मोहन, लखनऊ आर्मी स्टेशन के जल संरक्षण अधिकारी मेजर कंवरदीप सिंह नेगी, शिक्षाविद श्री संदीप सेठी, शिक्षाविद श्री परनब मुख़र्जी , स्कॉलास्टिक इंडिया के सेल्स निदेशक श्री नवीन कुमार सिंह, सह प्रबंधक सुश्री भव्या, विख्यात लेखक एवं इस पुस्तक के सलाहकार श्री राहुल सैनी समेत सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक, निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन, उपनिदेशका श्रीमती प्रतिमा गुप्ता एवं मानद निदेशक श्री हर्ष मधोक ने उपस्थित होकर पुस्तक का विमोचन किया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए सनबीम शिक्षण समूह की निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन ने बोला कि इससे शुभ बेला नहीं हो सकती, जब एक साथ इतने सारे गुणी एवं विद्वान जन उपस्थित हो और बच्चों को और उनके प्रयास को आशीर्वाद प्रदान करें । यह आशीर्वाद हमारे विद्यार्थियों के लिए बहुत बड़ा हासिल है । बहुत बड़ा पुरस्कार है ।
सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक एवं उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक ने बच्चों को और उनके अभिभावकों को बधाई दी और कहा कि इस किताब के रूप में बहुत सुन्दर उपहार विद्यार्थियों ने अपने शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं समाज को दिया है। रचनाधर्मिता की यह भावना और यह प्रक्रिया यूँ ही चलती रहनी चाहिए । पूरा सनबीम परिवार उपस्थित सभी गुणी जन के प्रति आभार प्रकट करता है कि वो आज यहाँ उपस्थित होकर हमारे प्रयास को सफल बना रहे हैं और हमें बेहतर से बेहतरीन होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ।
पंडित विश्वंभरनाथ मिश्रा जी ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं आज इस पुनीत अवसर पर सनबीम लहरतारा के प्रांगण में उपस्थित हूँ । विद्यार्थियों की मेधा और विचारशीलता प्रशंसनीय और सराहनीय है। इस किताब के माध्यम से सारे विद्यार्थी गंगा नदी के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी को समझे और बखूबी निभाए यही मेरी शुभकामना है।
ब्रिगेडियर जयदीप चंदा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की चाशनी में डूबे समाज का हिस्सा होने के बावजूद सनबीम शिक्षण संस्थान एवं यहाँ के बच्चे अपनी संस्कृति की जड़ को पकड़े हुए हैं और यह प्रशंसनीय है। बच्चों ने जिस सूझबूझ और परिपक्वता के साथ अपने विचार किताब में लिखे हैं वह उनके अंदर छिपे गंभीर लेखक और चिंतक से हमें परिचय कराता है । ऐसे विद्यालय सही मायने में भविष्य का निर्माण करतें हैं । यहाँ की परम्परा यूँ ही समृद्ध होती रहे, सरस्वती से यही कामना है ।
कैंटोनमेंट बोर्ड सीईओ श्री सत्यम मोहन ने कहा कि मुझे खुशी है कि मै इस किताब के विमोचन बेला में उपस्थित हूँ। विद्यार्थियों की लेखन शक्ति ऐसे ही और समृद्ध होती रहे। इस सारगर्भित पुस्तक में विद्यार्थियों ने वैश्विक विरासत पर आधारित बातें लिखी है ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों ने तुलसी के पौधे पर गंगाजल अर्पित कर किया और इस अवसर पर सनबीम लहरतारा के छात्र राघवेंद्र ने गङ्गाष्टकम का सस्वर पाठ किया। इस अवसर पर सभी लेखक विद्यार्थियों के अभिभावक, विद्यालय परिवार के शिक्षक शिक्षकाएं और बड़ी तादाद में कशी के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।