ईएनटी में एआइ व सियालेंडोस्कोपी से उपचार विधि आसान

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डा. के एन उड्डुप्पा सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यशाला मिड एओआइकान 2026 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। इसमें प्रतिभागियों को वेस्टिब्यूलर मूल्यांकन, वीएनजी, पीआरएम परीक्षण, स्ट्रोबोस्कोपी, ईएनटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) तथा सियालेंडोस्कोपी विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह आयोजन केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार एवं प्रयोगधर्मिता को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है, उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से भारत कला भवन तथा विश्वविद्यालय अभिलेखागार का भ्रमण कर महामना के जीवन दर्शन एवं विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को निकट से जानने का भी आग्रह किया। संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने हाल ही में प्रारंभ नई चिकित्सीय सेवाओं का उल्लेख करते हुए विभाग के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने विभाग द्वारा आयोजित अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय कार्यशाला बताते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि कहा। एसोसिएशन आफ ओटोलैरिंगोलाजिस्ट्स आफ इंडिया के निर्वाचित अध्यक्ष डा. नौशाद वी ने कहा कि ऐसे आयोजन चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के कि साथ-साथ उत्कृष्ट शल्य चिकित्सा, गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल तथा प्रभावी संवाद कौशल को भी बढ़ावा देते हैं। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डा. द्वैपायन मुखर्जी, प्रो. राजेश विश्वकर्मा, डा. कार्तिकेयन, डा. शांतनु पांजा, डा. अरुण अलेक्जेंडर, डा. राकेश श्रीवास्तव सहित विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने ईएनटी विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। आयोजन सचिव डा. विश्वंभर सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। आयोजन सह अध्यक्ष डा. सुशील कुमार अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डा. शिवा ने किया। सम्मेलन में देश भर से 250 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।