
वाराणसी।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस-बीएचयू) के आयुर्वेद संकाय के कायचिकित्सा विभाग द्वारा इंडियन एकेडमी ऑफ मेंटल हेल्थ (IAMH) के सहयोग से 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को के. एन. उडुपा ऑडिटोरियम, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का विषय है-
“मेंटल हेल्थ केयर इन अ कंटेम्परेरी एराः एन इंटीग्रेटेड अप्रोच विद टेक्नोलॉजी इन अ चेंजिंग वर्ल्ड”
मुख्य थीम “ब्रिजिंग माइंड, साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर होलिस्टिक वेल-बीइंग”
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा, मनोविज्ञान, आयुर्वेद एवं नवीन प्रौद्योगिकी के समन्वित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना तथा देशभर के चिकित्सकों, मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एक साझा वैज्ञानिक मंच प्रदान करना है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कायचिकित्सा विभाग, आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजेन्द्र प्रसाद के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) के. एच. एच. वी. एस. एस. नरसिम्हा मूर्ति, सह-आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सत्यगोपाल जी तथा आयोजन सचिव डॉ. लक्ष्मण यादव के नेतृत्व में आयोजन समिति वैज्ञानिक कार्यक्रम, अकादमिक सत्रों एवं समस्त व्यवस्थाओं के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’, माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार होंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) एस. के. चक्रवर्ती, वरिष्ठ मनोचिकित्सक एवं पूर्व अधिष्ठात, निम्हांस (NIMHANS), बेंगलुरु, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. (डॉ.) एस. एन. संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा दिया जाएगा।
सम्मेलन का मुख्य व्याख्यान प्रो. (डॉ.) अच्युत कुमार पाण्डेय, विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्य सम्मेलन से पूर्व 10 जुलाई, 2026 को एक प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला के अंतर्गत देश के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा दो महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं संवाद
आयोजित होंगे। डॉ. निशांत गोयल, प्रोफेसर, मनोचिकित्सा विभाग, वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्त्री, “न्यूरोमॉड्यूलेशन इन चाइल्ड एंड एडोलेसेंटः फ्यूचर पर्सपेक्टिव्स ऑफ नॉन-इनवेसिव ब्रेन स्टिम्युलेशन’ विषय पर व्याख्यान देंगे। वहीं डॉ. संजय सक्सेना, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज़, वाराणसी, “कॉग्निटिव, अफेक्टिव एंड बिहेवियरल स्किल्स फॉर लीडिंग वंडरफुल लाइफ” विषय पर प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक दृष्टिकोणों, आधुनिक उपचार तकनीकों तथा जीवन-कौशल विकास के व्यावहारिक आयामों से परिचित कराएगी।
मुख्य सम्मेलन के दौरान 17 वैज्ञानिक सत्र तथा एक पोस्टर प्रस्तुति सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के लिए देशभर से 200 से अधिक शोध सार एवं शोधपत्र प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से 15 आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता मानसिक स्वास्थ्य के विविध आयामों पर अपने विचार एवं अनुभव साझा करेंगे।
सम्मेलन में क्लिनिकल साइकोलॉजी, काउंसलिंग साइकोलॉजी, मनोचिकित्सा, कायचिकित्सा, मानस रोग, योग, पंचकर्म, न्यूरोसाइंस, डिजिटल मेंटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक तकनीक आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विषयों पर वैज्ञानिक शोधपत्र एवं व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों-उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, असम, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा पश्चिम बंगाल सहित अनेक राज्यों से चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षाविद् एवं विद्यार्थी इसमें सहभागिता करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य अधुनिक चिकित्सा, मनोविज्ञान एवं आयुर्वेद के मध्य अंतरविषयी सहयोग को सुदृढ़ करना, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के समुचित एवं प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना, शोधा एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक स्वास्थ्य नीति एवं सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु सार्थक सुझाव विकसित करना है।