बुद्विमान् वही जो इहलोक में रहते अपना परलोक भी सुधार ले I
शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 25.7.2024 सनातन धर्म सदा से ही समग्रता की बात करता है। इसमें कोई भी बात एकांगी नहीं है।इहलोक के साथ-साथ परलोक की भी चिन्ता हमारे धर्मशास्त्र करते हैं।हम सभी को इस लोक में अपने अभ्युदय के लिए प्रयत्न करते हुए परलोक को भी सुधारने का प्रयास कर लेना चाहिए। उक्त बातें परमाराध्य … Read more