कथावाचक मुरारी बापू का कृत्य न केवल धर्मविरुद्ध अपितु जन भावना के विरुद्ध
सूतक काल गतात्मा के श्राद्ध का समय होता है वाराणसी 16 जून 2025 पत्नी के निधन के तत्काल बाद सूतक अवस्था में भारत ही नहीं अपितु विश्व की राजधानी काशी जैसे पवित्र नगर में आकर भगवान श्री विश्वेश्वर विश्वनाथ जी का स्पर्शदर्शन व पूजन का कृत्य व उसके बाद पवित्र व्यास पीठ पर बैठकर भगवान … Read more