Nandi News

सावन के प्रथम सोमवार पर काशी विश्वनाथ सहित नगर के अन्य नौ प्राचीन शिवालयों में यादव बंधुओं ‌द्वारा जलाभिषेक के संबंध में बैठक का आयोजन

Share on Social Media

वाराणसी

सावन के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ सहित नगर के अन्य नौ प्राचीन शिवालयों में यादव बंधुओं ‌द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक जलाभिषेक के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक श्री अनील यादव जी के प्रतिष्ठान दशाश्वमेध ऐलियाबाई घाट में सम्पन्न हुई।

बैठक में यादव बंधुओं ने जलाभिषेक के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्य रूप से श्र‌द्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन एवं साफ-सफाई जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, ताकि शिव भक्तों का जलाभिषेक सुचारू रूप से, हर्ष और उल्लास के साथ सम्पन्न हो सके।

विश्व हिंदू यदुवंशियों का महापर्व

यह ऐतिहासिक परम्परा वर्ष 1932 से अबाध रूप से चली आ रही है। इसी मार्ग और पद्धति के अनुसार जलाभिषेक आज भी सम्पन्न होता है। समिति के अध्यक्ष श्री लालजी चन्द्रवंशी जी ने बताया कि पिछले वर्ष ललिता घाट पर विकाश कार्य चल रहा था जिसक वजह से हम यादव बंधुओं को जल भरने में काफ़ी दिकत होई अब जब ललिता घाट कार्य पूर्ण हो चुका है तो हम वहाँ से ही जल ले कर मृत्युंजय महादेव जी के लिए प्रस्थान करेंगे इस वर्ष जलाभिषेक का 94 वां वर्ष है। परम्परागत मर्यादा के अनुरूप बाबा विश्वनाथ सहित नौ शिवालयों पर भव्य जलाभिषेक करेंगे।

इस पवित्र परम्परा का शुभारम्भ स्व. भोला सरदार व स्व. चुन्नी सरदार द्वारा किया गया था। उनके संकल्प को आगे बढ़ाते हुए काशी के यादव बंधु आज भी इस परम्परा का भव्यतापूर्वक निर्वहन करते हैं।

यादव बंधुओं ने माँग रखी की इतनी विशाल और इतिहासिक परंपरा को शुरू करने वाले स्व भोला सरदार व चुनी सरदार की बनारस सहर में उनके समृति से सरकार को एक द्वारा बनवाने की माँग रखी ।

बैठक की अध्यक्षता श्री यादव व संचाल श्यामू यादव धन्यवाद अनिल यादव ने दिया लालजी चंद्रवंशी अजय यादव मनोज यादव प्रभाकर यादव (नगर अध्यक्ष) अशोक यादव विकास यादव दीपक यादव अमित यादव मनीष यादव विशाल यादव रवि यादव समिति के पदाधिकारी, वरिष्ठ यादव बंधु एवं बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने इस परम्परा को पूर्व की भांति शांतिपूर्ण और भव्य बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में यादव बंधुओं ने जलाभिषेक के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्य रूप से श्र‌द्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन एवं साफ-सफाई जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, ताकि शिव भक्तों का जलाभिषेक सुचारू रूप से, हर्ष और उल्लास के साथ सम्पन्न हो सके।

Leave a Comment