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कबीर की मानवता का संदेश दिया – प्रोफेसर अहिरवार

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राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन दिनांक 29 जून 2026 को सुबह द्वितीय तकनीकी सत्र की शुरुआत हुई l जिसमें 17 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिसका समापन 11 बजे हुआl तत्पश्चात संगोष्ठी का तीसरा तकनीकी सत्र
शुरू हुआ ,जिसकी अध्यक्षता प्रो इंद्रवीर सिंह तथा उपाध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार एवं रविंद्र कुमार गौतम रहे ,और संचालन कार्य डॉ अंशुमान सिंह ने किया l इस सत्र में 25 से ज्यादा शोध पत्र प्रस्तुत हुए l

इसी क्रम में कार्यक्रम के अंतिम सत्र समापन समारोह की शुरुआत कबीर, महात्मा गांधी, डॉ भगवान दास एवं शिव प्रसाद गुप्त के चित्रों पर माल्यार्पण से हुआ l जहां मुख्य वक्ता प्रो. विपिन कुमार (हिंदी विभाग BHU)ने कहा कि “आज जहां वर्तमान में लैंगिक विभेद और मानवता का क्षरण जारी है, वहीं कई सौ वर्ष पूर्व कबीर ने मानवतापूर्ण व भेदभावरहित समाज की संकल्पना की थी” l उसी क्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. राजमुनी (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग MGKVP) ने कबीर के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “वर्तमान युग में भी कबीर के विचारों की अभिव्यक्ति दिखाई देती है, चाहे वह सामाजिक न्याय की बात हो या मानव कल्याण की” l इसके साथ ही मुख्य अतिथि प्रो. एम.पी.अहिरवार (प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग BHU) ने अपने समापन भाषण में जिस समाज निर्माण की शुरुआत बौद्ध तथा जैन धर्म में हुई उसी समाज को और बेहतर बनाने का प्रयास जारी रखा, समता मूलक समाज और समावेशी विकास के लिए आवश्यक है कि कबीर के विचारों को समाहित करने की आवश्यकता है l तत्पश्चात अंत मे अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रो आनंद शंकर चौधरी (विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग MGKVP) ने कबीर के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम को समाप्त किया l
इस दो दिवसीय कार्यक्रम का संपूर्ण रिपोर्ट डॉ मनोज कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम का संचालन कार्य डॉ अंजना वर्मा ने किया व अतिथियों का स्वागत डॉ रविंद्र कुमार गौतम ने। संगोष्ठी में प्रो सुरेंद्र राम,प्रो विश्वनाथ, डॉ कमलेश तिवारी,डॉ विजय रंजन, डॉ बृजेश शुक्ला, डॉ सुरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ अनामिका दुबे,डॉ नंदिनी पटेल, डॉ ऋषभ कुमार, डॉक्टर आनंद श्रीवास्तव , डॉ विमल कुमार, डॉ वीरेंद्र प्रताप ,डॉ अंजू, डॉ प्रिया श्रीवास्तव, डॉ सारिका गौतम, डॉ संदीप , डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ प्रियंका सिंह के साथ साथ देश के विभिन्न हिस्सों महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया l

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