
वाराणसी, 22 जून। पिरामल फाउंडेशन द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एआई सचिव जी’ का शुभारंभ सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा तथा प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने संयुक्त रूप से पोस्टर का अनावरण कर प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि एआई सचिव जी के माध्यम से ग्राम पंचायतों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा शासन की गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक सूचनाएं लिखित एवं मौखिक रूप में प्राप्त की जा सकेंगी। इसके अलावा बैठकों की कार्यवाही, रिपोर्ट तैयार करने एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और समयबद्ध बनाने में भी यह प्लेटफॉर्म सहायक सिद्ध होगा।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होगी, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी।
जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि पंचायतों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। एआई सचिव जी के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को त्वरित जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पंचायतों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन की कोर टीम के सदस्य विंग कमांडर जैनेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि एआई सचिव जी हर समय एक डिजिटल सहायक के रूप में ग्राम प्रधानों की सहायता करेगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास खंडों में इसकी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
सीनियर प्रोग्राम मैनेजर बशारत, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह एवं प्रोग्राम मैनेजर चंद्रशेखर ने भी एआई सचिव जी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों तक त्वरित पहुंच उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम के दौरान एआई सचिव जी का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में तत्काल सहायता प्रदान करेगा। उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं अधिकारियों ने इसे सरल, उपयोगी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पिरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह ने की, जबकि आयोजन एवं समन्वय में साक्षी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में पिरामल फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय ग्राम प्रधान, प्रधान संघ के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, गांधी फेलो, पिरामल फाउंडेशन की टीम सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।