
वाराणसी।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 11वीं बटालियन द्वारा वाराणसी स्थित माइक्रोटेक कॉलेज में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के प्रति जागरूक करना तथा उनसे सुरक्षित रहने के उपाय सिखाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान NDRF की टीम से इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के गठन के बारे में बताया कि यह गठन बहुत सारी घटनाएं हुई जैसे 2001 में गुजरात ब्लास्ट, 2004 में सुनामी इस तरीके की घटनाएं होती रही इन सारी घटनाओं के बाद सरकार ने 2006 में इसका गठन किया देश में कुल इसके 16 यूनिट हैं वही छात्र, छात्राओं को भूकंप, आग, बाढ़ जैसी आपदाओं के समय अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, आपदा के दौरान घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेने पर विशेष जोर दिया गया। घटना के बाद प्रथम उपचार सीपीआर इत्यादि विषय पर एक गहन जानकारी दिया गया।
प्रशिक्षण में मॉक ड्रिल के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया गया, जिससे वे आपातकालीन स्थितियों में तुरंत और सही निर्णय ले सकें। टीम के विशेषज्ञों ने प्राथमिक उपचार सुरक्षित निकासी और राहत कार्यों के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी दी।
कॉलेज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ पंकज राजहंस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाई है और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में खुद की तथा दूसरों की सहायता करने के लिए सक्षम बनाया राष्ट्रीय आपदा मोचन बल टीम से अनिल कुमार इंस्पेक्टर, रामाशंकर, प्रदीप सिंह,राहुल कुमार , विष्णुभगत रहे। वहीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के टीम का स्वागत रजिस्ट्रार जय मंगल सिंह ने किया ।