वैश्विक संकट में एक जुटता जरूरी : कलराज मिश्र

वाराणसी 6 अप्रैल। राष्ट्रीय स्तर पर सरकार द्वारा किए गए विकास के कार्यों को देश की जनता देख रही है और इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय पटल पर नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाई गई विदेश नीति के कारण, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किए गए सुदृढ़ कार्यों के कारण विदेश में भी भारत की स्थिति सुदृढ़ और मजबूत हुई है। इसको समझते हुए भी विपक्ष भले ही इसकी अनदेखी कर आलोचना के लिए कुछ भी कहे पर देश की जनता सब समझ रही है।
श्री मिश्र अखिल भारतीय परिषद द्वारा नव संवत्सर के अभिनंदन में आयोजित मधु मंगल महोत्सव में बोल रहे थे उन्होंने अपने संबोधन में मनीषी परिषद के संबंध में कहा कि मनीषी परिषद धर्माचरण के लिए 10 प्रमुख बातों को आत्मसात कर उद्देश्य पूर्ति के लिए आगे बढ़ रहा है। सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में मनीषी परिषद के कार्य प्रसंशनीय है।
उन्होंने इस वैश्विक संकट के दौर में लोगों से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी अपील किया।
महोत्सव को विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय सासाराम के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह, मुख्य वक्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय,सारस्वत अतिथि के रूप में पूर्व विधान परिषद सदस्य मणि शंकर पांडेय नेभी संबोधित किया। महोत्सव का प्रारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथि गण द्वारा भगवान श्री आद्य जगतगुरु शंकराचार्य जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ।

मंगलाचरण के बाद बनारस यूथ थियेटर के कलाकारों द्वारा गायन वादन और नृत्य तथा विकास जी महाराज के संतूर वादन की श्रोताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की तबले पर संगति प्रभाष महाराज द्वारा किया गया।
महोत्सव का आयोजन अखिल भारतीय मनीषी परिषद के अध्यक्ष डॉ. विद्यासागर पांडेय और महासचिव दिवाकर द्विवेदी द्वारा किया गया।
स्थापित परंपरा के अनुसार महोत्सव में समाज क्षेत्र और देश की उन्नति में किए गए विविध उल्लेखनीय और विशिष्ट कार्य हेतु सर्वश्री प्रोफेसर कमलाकर त्रिपाठी (काय चिकित्सा) ,प्रोफेसर अजय कुमार खन्ना(शल्य चिकित्सा ),डॉ. रमेश चंद्र मिश्रा आई.पी.एस. पूर्व डीजीपी, हरियाणा (साहित्य सृजन), प्रिंस पीयूष दुबे(कृडा),श्रीनाथ त्रिपाठी एडवोकेट(विधि),अजय सिंह (पत्रकारिता) को मनीषी रत्न सम्मान दिया गया।
इस अवसर पर संगठन विस्तार की दृष्टि से वाराणसी महानगर अध्यक्ष नीरज चौबे और जिला अध्यक्ष कपिल नारायण पांडेय के नेतृत्व में महानगर और जिले की इकाई को सुगठित करते हुए 30 मनीषियों के दायित्व की घोषणा की गई।
महोत्सव का सफल संचालन सुश्री मीनाक्षी दीक्षित ने किया।
कार्यक्रम में मनीषी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शशि प्रकाश मिश्रा, प्रदेशिक संगठन मंत्री हरिश्चंद्र त्रिपाठी,दिल्ली से कुलपति डॉक्टर अर्चना मिश्रा,सुरेंद्र वशिष्ठ,डॉ जवाहरलाल द्विवेदी लखनऊ से दिनेश त्रिपाठी,रविकांत पांडेय कानपुर से राजा भरत अवस्थी, प्रयागराज से डॉक्टर श्रवण कुमार मिश्रा,अरविंद पांडेय एडवोकेट, नीरज तिवारी,शैलेंद्र त्रिपाठी, गोरखपुर से प्रोफेसर सुधीर नारायण सिंह, बस्ती से डॉ अजीत मणि त्रिपाठी डॉक्टर अनिल कुमार मौर्य श्री सुनील उपाध्याय,देवरिया से डॉक्टर मधुसूदन मिश्रा,कमलेश मिश्रा,गिरिजेश मणि त्रिपाठी,धर्मशील तिवारी, मिर्जापुर से आकाश उपाध्याय,राजेश मिश्रा,शशि भूषण पांडेय, उत्कर्ष मिश्रा,दीपक राय सोनभद्र से हरिशंकर पांडेय,उमाकांत तिवारी,उमेश चंद्र पांडेय,राम प्रकाश पांडेय, सुनील उपाध्याय एडवोकेट,मनोज मिश्रा, जौनपुर से सुधाकर उपाध्याय,डॉ अनिल उपाध्याय,डॉक्टर संजय चौबे,डॉक्टर अजय दुबे,डॉक्टर अखिलेश्वर शुक्ला,डॉक्टर दिनेश तिवारी,डॉक्टर अखिलेश पांडेय,एसपी चौबे, डॉक्टर दयाशंकर दुबे,राकेश शुक्ला,भदोही से डॉक्टर वी के सिंह,गाजीपुर से ओंमकार नाथ मिश्रा,शिवम दुबे, श्याम राज तिवारी,पंकज पांडेय, रुद्रा पांडेय सुल्तानपुर से आनंद कुमार तिवारी,अमेठी से डॉक्टर कृपा शंकर शुक्ला सहित हजार से ज्यादा लोगों की उपस्थिति रही। महोत्सव में भारत के 17 शहरों से मनीषीगण की विशेष उपस्थिति रही I
