
वाराणसी। स्वामी हरसेवानन्द जी के आदर्शों को याद रखते हुए सेवा, ईमानदारी और समर्पण को आधार बनाकर अपनी शिक्षा का उपयोग न केवल अपने लिए बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए करें। इस राह में सफलता असफलतायें आती रहती हैं और आयेंगी भी। क्योंकि सिक्के के दो पहलू होते हैं। आपको इन कठिन चुनौतियों का सामना दृढ़ निश्चय, मेहनत और आत्मसम्मान के साथ करना होगा। यह यात्रा सिर्फ शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर, बल्कि अपने संस्कार, नैतिक मूल्य और जीवन के उचित आदर्शों तक स्थापित करें… यह उद्गार व्यक्त किया प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने। मौका था स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल गड़वाघाट में 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के विदाई एवं आशीर्वाद समारोह का।
समारोह की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्यालयी प्रेरणास्रोत स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के चित्र पर मार्त्यापण से हुई। तत्पश्चात् ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने अपने अपने अनुभव साझा किए।
कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों ने इस शानदार आयोजन में अपने सीनियर्स के लिए ‘शुभकामना’ थीम के अन्तर्गत नृत्य संगीत एवं अभिनय से सम्मोहित कर लिया। सभी बारहवीं के छात्र-छात्राओं को शुभकामना पत्र, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। इसके अलावा-
लकी पटेल को मोस्ट स्टूडियस,सत्यप्रकाश यादव को मोस्ट डिसीप्लीन व्वाय, प्रगति सिंह को मोस्ट डिसीप्लीन गर्ल,नितेश सिंह को
इनोसेंट व्वाय,कोमल गुप्ता कोbइनोसेंट गर्ल,हनी गुप्ता को आल राउण्डर,दिव्याशु सिंह को मिस्टर फेयरवेल,शुभांगी यादव को मिस फेयरवेलकी उपाधियों से अलंकृत किया।
उक्त अवसर पर प्रधानाचार्य चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि परीक्षा में धैर्य, सावधानी, समय प्रबन्धन, और लेखन कौशल जैसी बारीकियों का ध्यान रखकर अच्छे अंक भी लाये जा सकते हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया जा सकता है। अतः सभी विद्यार्थियों को एकाग्रता से सभी का संयोजन सुनिश्चित करना चाहिए। समारोह में सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
