दिनांक 13 मार्च 2026
आर्य महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की इकाई ‘A’ एवं ‘D’ द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत दूसरे दिन दुर्गाकुंड मलिन बस्ती तथा बनकटी हनुमान मंदिर मलिन बस्ती, वाराणसी में “योग शक्ति – स्वस्थ नारी, सक्षम नारी” विषय पर स्किल इंडिया के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को स्वयंसेविकाओं के माध्यम से शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेविकाओं द्वारा प्रेरणादायक नृत्य प्रस्तुति “नारी शक्ति का जागरण – योग के संग” से हुई। इसके पश्चात् “योग अपनाओ, नारी को सशक्त बनाओ” तथा “योग से स्वास्थ्य, नारी का आत्मविश्वास” विषयों पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने योग के महत्व और महिला सशक्तिकरण को सृजनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उनके द्वारा प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक “जब नारी करेगी योग, तभी बढ़ेगा समाज का संयोग” प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता के महत्व का संदेश दिया गया। इसके साथ ही नारा लेखन एवं कविता पाठ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने “स्वस्थ नारी – राष्ट्र की शक्ति” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
भोजन के उपरांत आर्य महिला पी.जी. कॉलेज की योग शिक्षिका गीता जी ने स्वयंसेविकाओं को योग के महत्व तथा योग को एक व्यावसायिक कौशल (Professional Skill) के रूप में अपनाने के विषय में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में योग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि स्वरोजगार और करियर के लिए भी एक सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास भी कराया।
इस कार्यक्रम में लगभग 100 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई ‘A’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्वप्ना बंद्योपाध्याय तथा इकाई ‘D’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ममता गुप्ता के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

अंत में कार्यक्रम अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों, स्वयंसेविकाओं तथा मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान हुआ l